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मुंबई आकर बेचा दूध, मंदिर में बनाई थी रहने की जगह.. ऐसी है ‘Hunarbaaz’ के विनर आकाश सिंह की कहानी

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एक लड़का, जो साल 2018 में बिहार के भागलपुर से मुंबई आया था, उसकी आंखों में आसमान को छू लेने का ख्वाब था, लेकिन यह उसके लिए आसान नहीं था. अपने गांव में पेड़ों पर अभ्यास करने से लेकर मुंबई की सड़कों पर दूध बेचने तक, वह अपने सपनों की तरफ कदम बढ़ाता चला गया. तमाम मुश्किलों का सामना करते हुए अपनी मेहनत की दम पर आज वह देश के बड़े रियलिटी शोज का विनर बन गया. जी हां! हम कर रहे हैं ‘हुनरबाज’ के विनर आकाश सिंह (Hunarbaaz winner Akash Singh) की, जिनके हुनर ने आज एक नया मुकाम हासिल किया.

बिहार के आकाश सिंह ‘हुनरबाज’ की ट्रॉफी अपने नाम कर चुके हैं. ट्रॉफी के अलावा उन्हें बतौर प्राइज मनी 15 लाख रुपये भी मिले हैं. अब उनकी जिंदगी बदल चुकी है और उन्हें आगे लंबा सफर तय करना है, लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए भी उन्होंने कड़ी मेहनत की है. आकाश सिंह एक एरियल डांसर हैं. गरीबी के चलते वह पेड़ों, स्ट्रीट लाइट्स और पोल्स की मदद से प्रैक्टिस करते थे. मुंबई आने के बाद उनके पास अपना पेट भरने के लिए भी पैसे नहीं थे. ऐसे में उन्होंने कई छोटी-मोटी जॉब करके अपना गुजारा किया.

‘मैं वाकई बहुत खुश हूं, मेरा सपना सच हो गया’
IndiaToday के साथ एक खास बातचीत में आकाश ने ‘हुनरबाज : देश की शान’ पर अपने सफर के बारे में बात की और शो में अपने यादगार पलों को साझा किया. हुनरबाज जीतने के बारे में बोलते हुए आकाश ने कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं ये शो जीतूंगा या फाइनल में से एक बनूंगा. मैं वाकई बहुत खुश हूं, क्योंकि जिस सपने के साथ मैं मुंबई आया था, आज वह पूरा हो गया है. मैं बहुत एक्साइटेड हूं और मेरा परिवार भी.”

पहली बार के ऑडिशन में नहीं हो पाए थे सेलेक्ट
अपने स्ट्रगल को याद करते हुए आकाश ने बताया, “मैं साल 2018 में एक शो के ऑडिशन के लिए मुंबई आया था. लेकिन तब मेरा परफॉर्मेंस अच्छा नहीं था, इसलिए मैं सेलेक्ट नहीं हो पाया. उसके बाद मैं मुंबई में ही रहा और बहुत मेहनत की. मेरे पास मुंबई में रहने के लिए कोई जगह नहीं थी, लेकिन फिर मुझे एक ऐसे शख्स मिले, जिन्होंने मुझे मंदिर में रहने की इजाजत दे दी. तब मैंने वहां कुछ लोगों से काम मांगा, ताकि अपने गुजारे और खाने-पीने के लिए कुछ पैसे कमा सकूं.”

जॉब के साथ-साथ अपने हुनर पर भी करते रहे काम
आकाश ने आगे बताया, “उस समय मुझे न्यूजपेपर बांटने का काम मिला. इसके बाद मैंने दूध बेचने का काम किया, साथ ही सिक्योरिटी गार्ड की भी जॉब की. लेकिन इस दौरान मैं अपनी स्किल पर भी काम करता रहता था. मैं शिवाजी पार्क में प्रैक्टिस करता था. इसके बाद मैंने ‘हुनरबाज’ के लिए ऑडिशन दिया और आज मैं यह शो जीत गया. मेरे लिए इस शो का अनुभव बहुत अच्छा रहा. शो में सभी एक परिवार की तरह हो गए हैं”.

अपने माता-पिता को देना चाहते हैं बेहतर जीवन
आकाश ने कहा कि अब वह मुंबई में ही रहकर काम करना चाहते हैं, साथ ही अपने माता-पिता को एक बेहतर जीवन देना चाहते हैं और अपने जीत के पैसों से उनके लिए एक घर बनाना चाहते हैं. उन्होंने कहा, “हमारे पास अपना घर नहीं है. इसलिए, शो में मिली पुरस्कार राशि से मैं अपने माता-पिता के लिए अपने गांव में एक घर बनाना चाहता हूं. मैं उन्हें बेहतर जीवन देने के लिए सब कुछ करना चाहूंगा.”

परिणीति चोपड़ा आकाश से हुईं इतनी प्रभावित कि..
शो की एक जज और एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा (Parineeti Chopra) आकाश सिंह से काफी प्रभावित हैं. वह आकाश के स्ट्रगल की कहानी सुनकर इतना इमोशनल हुईं कि उन्हें अपना भाई ही बना लिया. उन्होंने आकाश को सीख दी है कि कभी घमंड न करें. परिणीति ने आकाश को एक जैकेट भी गिफ्ट की है. इस पर आकाश ने भावुक होकर कहा, “जिस शहर में मेरा कोई नहीं था, वहां मुझे परिणीति के रूप में एक बहन मिली.”

Tags: Parineeti chopra, Tv show



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