Thursday, 19 July 2018, 7:10 PM

कहानी

संसार की कोई शक्ति न आपके पुण्य बढ़ा सकती और न ही पाप घटा सकती

Updated on 11 November, 2017, 12:42
भोपाल। आपका भविष्य आपके आचरण और कर्म पर निर्भर है। यदि आपने अच्छे काम किए हैं तो कोई भी आपके पुण्यों की  वृद्धि से नहीं रोक सकता, यदि गलतियां हुईं हैं तो कोई उन्हें माफ नहीं करा पाएगा। किसी की गलती माफ नहीं होती उसे प्रायशिचत्त करना ही पड़ेगा,दंड भोगना... आगे पढ़े

दूसरी आजादी के मुक्तिदाताः जेपी और नानाजी

Updated on 9 October, 2017, 13:54
अक्टूबर का महीना बड़े महत्व का है। पावन,मनभावन और आराधन का। दशहरे से शुरू हुआ, देवप्रबोधिनी तक चलेगा। भगवान मुहूर्त देखकर ही विभूतियों को धरती पर भेजता है। 2 अक्टूबर को गांधीजी,शास्त्रीजी की जयंती थी। 11अक्टूबर को जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख की जयंती है। चारों के बीच ही परस्पर... आगे पढ़े

विषमता का बोझा और कबतक ढोएगी रेल

Updated on 6 October, 2017, 12:11
राज्यपाल या मुख्यमंत्री रेल से चलें आज कोई इसकी कल्पना नहीं कर सकता। इस दर्जे के महापुरुषों की यात्राएं भी खबर बनती हैं। पंद्रह साल पहले एक ऐसी ही घटना खबर बनी। हुआ यह कि अपने प्रदेश के मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच पटरी नहीं बैठती थी। वजह राज्यपाल केंद्र... आगे पढ़े

अफवाहों का माध्यम बनता सोशल मीडिया

Updated on 13 August, 2017, 12:05
अनिल कुमार पाण्डेय वर्तमान दौर सूचनाओं के त्वरित प्रवाह का है। सूचनाएं बिजली की चलपता से एक स्थान से अन्यत्र हवाओं में तैरती हुई हमारे माध्यमों के मार्फत सभी तक पहुंच रही हैं। सूचना समर के इस दौर में अफवाहों का तंत्र भी इसके समानांतर गतिशील है। अफवाहें कब सूचनाओं का... आगे पढ़े

किसी को ये लग सकता है कि दुनिया केवल जानवरों के लिए है

Updated on 6 April, 2017, 13:58
हम च्जीवन की लयज् की बातें करते हैं और कई बार अफसोस जताते हैं कि हमारे समय में ये खो चुकी है। जीवन की यही लय पूरे विश्व में कविता के बीज रोपती है। अगर ये लय न होती तो कविता न होती। कविता में अक्सर जीवन की ये लय... आगे पढ़े

थोड़ी सी बुद्धिमानी कर देती है हर समस्या का हल, आप में है ये हुनर

Updated on 20 February, 2017, 9:11
मध्य पूर्वी देश से एक ईरानी शेख व्यापारी महाराज कृष्णदेव राय का अतिथि बन कर आता है। महाराज अपने अतिथि का सत्कार बड़े भव्य तरीके से करते हैं और उसके अच्छे खाने व रहने का प्रबंध करते हैं तथा साथ ही कई अन्य सुविधाएं भी प्रदान करते हैं। एक दिन भोजन... आगे पढ़े

तो एक पतले धागे जितनी है जिंदगी की सच्‍चाई

Updated on 6 July, 2016, 21:45
एक सम्राट अपने वजीर पर नाराज हो गया। और उसने वजीर को आकाश-छूती एक मीनार में कैद कर दिया। वहां से कूद कर भागने का कोई उपाय न था। कूद कर भागता तो प्राण ही खो जाते। लेकिन वजीर जब कैद किया जा रहा था, तब उसने अपनी पत्नी के... आगे पढ़े

शपथ

Updated on 20 May, 2015, 9:05
जिसकी खातिर उसने सपने देखे, कमरे को घर बनाया, उसी ने ऐसा धोखा दिया कि सीने में ज्वालामुखी लिए वह बरसों तक उसकी तलाश में भटकता रहा। उस बेवफा को मार देना चाहता था वह। मगर एक दिन वह सामने आई तो चाह कर भी उसे न मार सका...। नया घर... आगे पढ़े

दुश्मन के भी दोस्त बनो

Updated on 9 April, 2015, 11:55
बहुत पहले की बात है। एक गांव था राजनगर। वहां पर करण नाम का एक लड़का रहता था। वह लड़का स्वभाव का बहुत अच्छा था। पढ़ाई में भी होशियार था। वह बहुत आज्ञाकारी और अपने मां-बाप का कहना मानता था। स्कूल में वह ज्यादातर बच्चों की तुलना में होशियार था।... आगे पढ़े

नसीहत

Updated on 2 February, 2015, 13:17
पड़ोस के घर में एक परिवार रहने आया था। उसमें दादा जी की उम्र के एक व्यक्ति और उनकी पत्नी रहत थीं। वह दादी जी लंगड़ा कर चलते थे और कड़क स्वभाव के थे। वह अपने साथ बहुत से गमले लाए थे, जिनमें रंग-बिरंगे फूलों वाले पौधे थे। वह अपने... आगे पढ़े

मिल गई परी

Updated on 28 January, 2015, 13:38
एक लकड़हारा अपनी पत्नी और नेत्रहीन मां के साथ एक जंगल के पास झोपड़ी बनाकर रहता था। उसकी कोई संतान नहीं थी और वह काफी गरीब भी था। हालांकि वो कभी भी किसी भी चीज के लिए भगवान से शिकायत नहीं करता था। वह लकड़ी काटकर और उन्हें बाजार में... आगे पढ़े

दो दोस्तों की अनसुनी कहानी

Updated on 6 January, 2015, 9:30
एक बार दो मित्र साथ-साथ एक रेगिस्तान में चले जा रहे थे। रास्ते में दोनों में कुछ कहासुनी हो गई। बहसबाजी में बात इतनी बढ़ गई की उनमे से एक मित्र ने दूसरे के गाल पर जोर से तमाचा मार दिया। जिस मित्र को तमाचा पड़ा उसे दुःख तो बहुत हुआ... आगे पढ़े

कंबो शहर की यात्रा

Updated on 3 January, 2015, 12:52
एक दिन कौमी कौआ काफी दिनों बाद अपने गांव आया। गांव में सभी पक्षियों ने उसका खूब स्वागत किया। कौमी में एक आदत थी कि जब भी वह गांव जाता तो अपने सभी दोस्तों के लिए कुछ न कुछ खाने की चीज साथ लेकर जरूर जाता। इस बार वह पिज्जा... आगे पढ़े

साहसी सौरभ

Updated on 15 December, 2014, 13:36
गांव से बाईं तरफ एक संकरी पगडंडी जंगल की ओर जाती थी। उस पगडंडी पर पचास कदम आगे जाकर दाहिनी ओर अगर झाडियों को हटाकर आगे बढ़े तो एक बड़ा सा आम का पेड़ था। मौसम आने पर वह सदा बड़े-बड़े पीले रसीले आमों से लदा रहता था। यह आम... आगे पढ़े

मेरे पहले मनीऑर्डर की कहानी

Updated on 11 December, 2014, 10:00
यह बहुत पुरानी बात नहीं है जब मैं 24 साल का एक नौजवान था। मेरे पास नेचुरोपैथी अस्पताल से पास किए कोर्स का प्रमाण पत्र, किताबों से मुंह तक भरा खाकी रंग का एक थैला, आधी भरी गुल्लक और दो आंखों में अनगिनत सपने थे। मैं जब बहुत छोटा था... आगे पढ़े

सुधर गया सुब्बा

Updated on 25 November, 2014, 12:45
एक बार फारस देश से घोड़ों का एक व्यापारी कुछ बेहद उत्तम नस्ल के घोड़े लेकर विजय नगर आया। सभी जानते थे कि महाराज कृष्णदेव राय घोड़ों के उत्तम पारखी हैं। उनके अस्तबल में चुनी हुई नस्लों के उत्तम घोड़े थे। महाराज ने फारस के व्यापारी द्वारा लाए गए घोड़ों... आगे पढ़े

लालची बूढ़ा सारस

Updated on 15 November, 2014, 11:49
एक बूढ़ा सारस नदी किनारे रहता था। वह सारस इतना बूढ़ा हो चला था कि भरपेट भोजन जुटा पाना भी उसके लिए मुश्किल हो गया था। मछलियां अगल-बगल से तैरकर निकल जातीं, लेकिन कमजोर होने के कारण वह उन्हें पकड़ नहीं पाता था। एक दिन वह बहुत भूखा था, क्योंकि पिछले... आगे पढ़े

पिंगू

Updated on 9 October, 2014, 12:17
पिहले अंतरिक्ष के मम्मी-पापा जब दफ्तर जाते थे, तो वह दादी का हाथ पकड़े, कभी दूध पीते, तो कभी खेलते-खेलते उनको बाय-बाय कहता था। फिर कहता था, ‘सी यू इन द ईवनिंग।’ उसे ऐसा करते देख मम्मी-पापा के साथ दादी भी बहुत खुश होती थीं। लेकिन कई दिनों से अब... आगे पढ़े

गलती का एहसास

Updated on 26 September, 2014, 11:56
रिया, फैजल और अमन आठवीं कक्षा में पढ़ते थे। तीनों पढ़ाई के साथ-साथ खेल-कूद, डांस और नाटक के कार्यक्रमों में भी आगे रहते थे। फैजल गणित में बहुत होशियार था। एक दिन अमन ने उससे एक सवाल समझाने को कहा। फैजल उस समय साइंस का प्रोजेक्ट बना रहा था। वह बोला,... आगे पढ़े

चूहा और संन्यासी

Updated on 12 September, 2014, 9:44
किसी जंगल में रह कर एक संन्यासी तपस्या करता था। जंगल के जानवर उस संन्यासी के पास प्रवचन सुनने आया करते थे। वे संन्यासी को चारों ओर से घेर लेते और वह जानवरों को अच्छा जीवन बिताने का उपदेश देता। उसी जंगल में एक छोटा-सा चूहा भी रहता था। वह भी... आगे पढ़े

अंशुल का सवाल

Updated on 28 August, 2014, 12:45
पिछले कई दिनों से अंशुल परेशान चल रहा था। उसे समझ नहीं आ रहा था कि जिस बात के लिए उसे अक्सर मम्मी-पापा से डांट पड़ती है, वही काम जब मम्मी-पापा करते हैं तो दादू उन्हें क्यों नहीं कुछ कहते? चौथी कक्षा में पढ़ने वाला अंशुल अपने माता-पिता की इकलौती... आगे पढ़े

वो आया खिड़की से

Updated on 21 August, 2014, 11:16
ऊकी चार साल का था। उसे और उसके भाई हर्षित को टीवी देखने का बहुत शौक था। पर पढ़ाई के वक्त टीवी देखने की घर में मनाही थी। पापा तो हर समय घर में रहते नहीं थे। बस मां ही दोनों की शरारतों से लोहा लेतीं। न पढ़ने पर मां... आगे पढ़े

सच बोलने की हिम्मत

Updated on 19 August, 2014, 12:13
मोहित, अंकित और अमन तीनों अच्छे दोस्त थे। अंकित और अमन प्राइवेट स्कूल में पढ़ते थे और मोहित पास के ही सेंट्रल स्कूल में। मोहित के पिता सीआईएसएफ में काम करते थे। तीनों एक ही मोहल्ले में रहते थे। साथ-साथ घूमना और खेलना। पढ़ना भी साथ-साथ होता था। हालांकि मोहित की... आगे पढ़े

गोलू की साइकिल

Updated on 5 August, 2014, 12:01
गोलू का पांचवीं कक्षा का रिजल्ट आया था। इस बार उसने अपने स्कूल में टॉप किया था। उसकी इस सफलता पर घर में सब लोग खुश थे। रिजल्ट आने से पहले गोलू के पापा ने उससे वायदा किया था कि अगर इस साल वह क्लास में फर्स्ट आया तो उसे... आगे पढ़े

एलियंस की कहानी

Updated on 31 July, 2014, 12:22
दोस्तो, एलियंस का नाम सुनकर ही तुम चौंक जाते होगे। तुम्हारे जेहन में फिल्म 'कोई मिल गया' के एलियन की छवि आ जाती होगी। दुनिया में एलियंस को लेकर हर कोई जानना चाहता है। इनके अस्तित्व को जानने-समझने के लिए हाल ही में लोन सिग्नल प्रोजेक्ट के तहत ब्रह्मांड में... आगे पढ़े

शालू और पिंक फ्रॉक

Updated on 30 July, 2014, 18:44
'मैं यह पिंक फ्रॉक लेकर रहूंगी।' शालू ने मम्मी से जोर देकर कहा। 'पर तुम्हारे पास तो ऐसी कई फ्रॉक हैं बेटी' मम्मी ने उसे मनाते हुए कहा। उस समय तो शालू उनकी बात मान गई, लेकिन उसे रात में भी उसी फ्रॉक के सपने आते रहे.. उसने सपने में देखा... आगे पढ़े

मिल गया सबक

Updated on 23 July, 2014, 13:54
सुमित की आदत थी कि वह बिना किसी को सूचना दिए कहीं भी चला जाता या फिर किसी नए काम को हाथ में ले लेता। उसकी इस आदत से उसके परिवारवाले और दोस्त सभी परेशान थे। एक दिन अचानक वह किसी को बिना बताए पटना से दिल्ली चला गया। स्टेशन... आगे पढ़े

गलती का अहसास

Updated on 20 July, 2014, 16:21
मीतू ने एक बार फिर प्रण लिया कि श्यामू काका के बगीचे से चोरी-छुपे अंबिया नहीं तोड़ूंगी। अगर मन करेगा, तो उनसे मांग लूंगी, पर जैसे ही उसकी नजर पेड़ की डाल पर झूल रही अंबिया के गुच्छों पर पड़ी। उसकी आंखें चमक उठीं और वह अपने मन को काबू... आगे पढ़े

..हौसला मत खोना

Updated on 20 July, 2014, 16:19
'यार पता है, हमारे स्कूल में फिर से इंटर स्कूल डिबेट कॉम्पिटिशन आयोजित हो रहा है.. बहुत मजा आएगा।' स्कूल बस में मैं आराम से बैठा था कि तभी पीछे से किसी ने कहा। मुड़कर देखा तो मेरी क्लासमेट यह कहते हुए काफी उत्साहित नजर आई। पर मैं उदास हो... आगे पढ़े

पापा की तरकीब

Updated on 18 July, 2014, 12:21
श्रुति सुपर कमांडो ध्रुव की कॉमिक सीरीज पढ़ती, तो ध्रुव के हाव-भाव की नकल करने लगती। कभी किसी नॉवेल के मुख्य पात्र की तरह करतब दिखाने लगती। एक दिन उसने टीवी में कुछ देखा, तो छत से छलांग लगाने की सोचने लगी..। उसे लगने लगा कि छत से कूदते ही वह... आगे पढ़े

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