Monday, 22 April 2019, 6:32 AM

टाईम पास

पति-पत्नी के मजेदार किस्से

Updated on 3 December, 2013, 14:10
पति-पत्नी जोक्स एक बार एक महिला की शव यात्रा निकल रही थी. शवयात्रा के आगे आगे एक कुत्ता चल रहा था और पीछे बहुत सारे आदमी लाइन में चल रहे थे. तभी रास्ते में एक आदमी की नज़र आगे चल रहे कुत्ते और पीछे चल रही आदमियों की लाइन पर पड़ती... आगे पढ़े

उन्नाव के डौंडियाखेड़ा की पूरी कहानी

Updated on 20 October, 2013, 20:46
लखनऊ उन्नाव का डौंडियाखेड़ा गांव कल तक अपने आसपास बसे अन्य गांव की तरह ही एक साधारण सा गांव था. लेकिन जब से पुरातत्व विभाग ने डौंडियाखेड़ा किले में गड़े खजाने का पता लगाने के लिये खुदाई शुरु की, तब से पूरे देश के नजरें इस गांव और किलें पर आकर... आगे पढ़े

ताज़महल

Updated on 11 October, 2013, 12:06
(उषा यादव जी देश की प्रमुख गज़ल़कारों में शुमार की जाती हैं. वर्ष 1991 से लगातार देश की विभिन्न पत्र – पत्रिकाओं में उऩकी ग़ज़लें पाठकों को आनंदित करती रहती हैं . उनकी प्रकाशित रचनाएं अमराईयां औऱ सोजे निहाँ काफी पसंद की जाती हैं . विद्यावाचस्पति , सारस्वत सम्मान से... आगे पढ़े

हे भगवान, मुझे एक टीवी बना दो

Updated on 24 September, 2013, 21:27
प्राथमिक पाठशाला की एक शिक्षिका ने अपने छात्रों को एक निबंध लिखने को कहा. विषय था "भगवान से आप क्या बनने का वरदान मांगेंगे" इस निबंध ने उस क्लास टीचर को इतना भावुक कर दिया कि रोते-रोते उस निबंध को लेकर वह घर आ गयी. पति ने रोने का कारण पूछा तो उसने... आगे पढ़े

विवशता न बने हिंदी दिवस ,दिल से करें हिंदी का सम्मान

Updated on 15 September, 2013, 17:27
हमारे देश की राजभाषा और राष्ट्रभाषा देश की लगभग आधी आबादी की मातृभाषा भी है । वैधानिक प्रावधानों के बाद भी केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के कार्यालयों में हिंदी के प्रयोग की अनिवार्यता को लागू नहीं किया जा सका है । कहने को राजभाषा के समर्थन में खूब नारे... आगे पढ़े

हिंदी दिवस : हिंदी में है विश्व भाषा बनने का सामर्थ्य

Updated on 14 September, 2013, 15:08
आज हिंदी दिवस है। 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया था तभी से 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाने की परंपरा चल निकली। आज हिंदी का स्वरूप काफी व्यापक हो चला है। साहित्य, फिल्म, कला, संस्कृति, ज्ञान-विज्ञान, संचार, बाजार सभी क्षेत्रों में हिंदी... आगे पढ़े

एक और एक ग्यारह

Updated on 11 September, 2013, 11:40
बनगिरी के घने जंगल में एक हाथी ने उत्पात मचा रखा था। वह अपनी ताकत के नशे में चूर होने के कारण किसी को कुछ नहीं समझता था। बनगिरी में ही एक पेड़ पर टिक्कू चिडिया का छोटा-सा सुखी संसार था। टिक्कू अंडों पर बैठी नन्हे-नन्हे प्यारे बच्चों के निकलने... आगे पढ़े

ये प्यार नहीं है, तो क्या है

Updated on 31 August, 2013, 11:32
ये प्यार नहीं है, तो क्या है, अहसास नहीं है, तो क्या है। तन्हाई की रातों में, जब चाँद उतर आता खिड़की पर, सर्द हवाएं दे जाती हैं, दस्तक चुपके चुपके खिड़की पर। याद किसी की आती है, आंखें टिक जाती खिड़की पर, चादर पर सिलवट पड़ जाती है, और तकिया नम हो जाता है। ये प्यार नहीं है तो... आगे पढ़े

बात का घाव

Updated on 31 August, 2013, 11:14
बहुत पुरानी बात है। एक लकड़हारे और शेर में दोस्ती थी। दोनों का मन एक दूसरे के बिना नहीं लगता था। शेर जंगल में रहता था और लकड़हारा गांव में। लकड़हारा लकडिया काटकर और उन्हें बेचकर अपना घर चला रहा था। सारे दिन वह जंगल में लकडिम्यां काटता था और... आगे पढ़े

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