Monday, 19 August 2019, 4:49 PM

धर्म-संस्कृति

पहली बार मौका मिला तो खरी-खरी बोल गई गंगा

Updated on 29 January, 2014, 13:29
वाराणसी। भोर में गंगा आरती से अभिनंदन गणतंत्र का। गणतंत्र दिवस परेड में उत्तर प्रदेश की झांकी सुबह-ए-बनारस। सर्द हवाओं से अकुलाई और वासंती खुमार से अलसाई गणतंत्र दिवस की भोर दशाश्वमेध घाट पर। सुबह के पांच बजने को हैं। घाट के ठीक ऊपर पुलिस पिकेट के अलाव पर हाथ... आगे पढ़े

स्तन कैंसर के इलाज के बाद योगाभ्यास फायदेमंद

Updated on 28 January, 2014, 20:49
न्यूयॉर्क। एक शोध में पता चला है कि स्तन कैंसर के उपचार के बाद यदि नियमित तौर पर कम से कम तीन माह तक योगाभ्यास किया जाए तो थकान व सूजन में कमी आ सकती है। अमेरिका की ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी के मनोरोग व मनोविज्ञान के प्रोफेसर जेनिस कीकाल्ट-ग्लासेर का दावा... आगे पढ़े

यूं ही नहीं कहते कि प्यार में बड़ी ताकत होती है

Updated on 28 January, 2014, 16:50
हम सुबह से रात तक शब्दों को ही जीते हैं। हम इनके पीछे के उद्देश्यों को खोजने में और उद्देश्यता को खोजने में हम सारे उद्देश्य भूल जाते हैं। यह इतना गंभीर हो जाता है कि हम अपनी रातों की नींद ही खो बैठते हैं। हम रात भर उन शब्दों... आगे पढ़े

जो जागेगा, वही पाएगा

Updated on 28 January, 2014, 16:33
जागरूक होकर हम कोई भी उपलब्धि प्राप्त कर सकते हैं। फिर हमारे लिए कुछ भी असंभव नहीं रह जाता.. अध्यात्म विमुख होने का नहीं, बल्कि संपृक्त होने का संदेश देता है। वह चेतना को जगाने की बात करता है। अपनी चेतना को जाग्रत रख पाने के लिए ही यह मानव... आगे पढ़े

रामकृष्ण परमहंस: आचरण में उतरे, वही ज्ञान

Updated on 28 January, 2014, 16:32
सिर्फ पढ़ने या जानने से ज्ञान नहीं मिलता, उसे आचरण में अपनाने से मिलता है.. जिस ज्ञान से चित्तशुद्धि होती है, वही यथार्थ ज्ञान है, बाकी सब अज्ञान है। कोरे पांडित्य का क्या लाभ? पंडित को बहुत सारे शास्त्र, अनेक श्लोक मुखाग्र हो सकते हैं, पर वह सब केवल रटने... आगे पढ़े

मौनी अमावस्या पर 80 लाख लगाएंगे डुबकी

Updated on 28 January, 2014, 13:29
इलाहाबाद। पांच प्रमुख स्नान पर्वो में मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर 80 लाख स्नानार्थी संगम तट पर डुबकी लगाएंगे। स्थानीय प्रशासन और प्रदेश सरकार के लिए यह स्नान पर्व चुनौती का विषय है। मेला प्रशासन का दावा है कि दर्जन भर घाटों पर स्नान कराने की पूरी तैयारी हो चुकी... आगे पढ़े

शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने गिनाई चुनौतियां

Updated on 28 January, 2014, 13:23
इलाहाबाद। इसाईयों को धर्म प्रचार के लिए खुली छूट है। कुरान शरीफ पढ़ाते हैं तो सरकार सहायता देती है पर सनातन धर्म से जुड़ी संस्थाओं के साथ ऐसा नहीं है। अगर हम धर्म के प्रचार के लिए हम कुछ करना चाहे तो हमें अनुमति लेनी पड़ती है। गौ हत्या हो... आगे पढ़े

संगम क्षेत्र में शुरू हुआ चलो मन गंगा यमुना तीर

Updated on 28 January, 2014, 13:21
इलाहाबाद। संगम की रेती पर उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की ओर से आयोजित होने वाले कार्यक्रम 'चलो मन गंगा यमुना तीर' की शुरूआत सोमवार से हुई। इस मौके पर शोभना नारायण ने कथक, रंजना गौहर ने ओडिसी और पद्मभूषण सरोजा वैद्यनाथन ने भरतनाट्यम प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के शुभारंभ के... आगे पढ़े

जो हमें अज्ञान से ज्ञान की ओर बढ़ाए वही गुरु है

Updated on 27 January, 2014, 21:59
गुरु व शिष्य का संबंध साधारण सांसारिक नाता नहीं है, बल्कि यह पूर्णरूपेण आत्मिक व आध्यात्मिक संबंध है। सद्गुरू हमें सत्पथ पर अग्रसर करते हैं, सत स्वरूप आत्मा व परमात्मा का बोध कराते हैं। उन सद्गुरू की महिमा मानव रूप में अवतार धारण करके परमात्मा ने भी स्वीकार की है। शिष्य... आगे पढ़े

व्रत, साधना, तपस्या के साथ चौपाल भी अपनी रौ में

Updated on 27 January, 2014, 21:58
इलाहाबाद। माघ मेले में कल्पवासियों का व्रत अपने रफ्तार पर है। व्रत, साधना और तपस्या के साथ चौपाल भी अपनी रौ में है। ऐसी ही एक चौपाल, जहां एकसाथ रिटायर्ड अध्यापकों का कल्पवास चल रहा है और उनके बीच रिश्तों की मिसरी घुल रही है। माघ मेला क्षेत्र का सेक्टर पांच।... आगे पढ़े

धर्म की नगरी में ज्ञान और वैराग्य का संगम

Updated on 27 January, 2014, 21:57
इलाहाबाद। अरैल मेला क्षेत्र में ज्ञान और वैराग्य का संगम हो रहा है। विद्वानों को सुनने के लिए जहां जिज्ञासु खिंचे चले आ रहे हैं वहीं पूरे दिन चलने वाले भजन-कीर्तन में आस्था पूरी तरह रौ में दिखती है। काशी के डा. पुंडरीक शास्त्री ने श्रीमद्भागवत पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने... आगे पढ़े

सप्ताह में एक बार योग करने से दूर होगा पीठ के निचले हिस्से का दर्द

Updated on 27 January, 2014, 12:29
प्राचीन भारतीय पद्धति योग को लेकर किए गए एक नये अध्ययन में कहा गया है कि सप्ताह में एक बार योग करने से पीठ के निचले हिस्से के दर्द से राहत मिल सकती है. बोस्टन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन (बीयूएसएम) और बोस्टन मेडिकल सेंटर (बीएमसी) के अनुसंधानकर्ताओं ने पाया है... आगे पढ़े

शरीर-व्यापी है आत्मा

Updated on 27 January, 2014, 12:25
प्रेक्षा-ध्यान का एक प्रयोग है- चैतन्य-केंद्रों का ध्यान. यह शरीर-प्रेक्षा का ही विकसित रूप है. अल्पकालिक शरीर-प्रेक्षा में एक-एक अवयव पर थोड़े समय के लिए ध्यान केंद्रित होता है, उसमें यह संभव नहीं है. प्रत्येक अवयव पर दीर्घकालिक प्रेक्षा का अभ्यास हो तो ध्यानस्थ व्यक्ति चैतन्य-केंद्रों तक पहुंच जाता है.... आगे पढ़े

नहीं जानते होंगे, जल में क्यों विसर्जित करते हैं देवी देवताओं की मूर्तियों को?

Updated on 27 January, 2014, 12:18
बसंत पंचमी यानी सरस्वती पूजा आने वाली है। मूर्तिकार सुंदर-सुंदर देवी प्रतिमा बनाने में लगे हैं। लोग इन मूर्तियों को बड़े ही आदर से घर लाएंगे और इनकी पूजा करेंगे लेकिन अगले ही दिन किसी नदी या तालाब में ले जाकर विसर्जित कर देंगे। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि... आगे पढ़े

सपने में आपने क्या देखा अब यूं जान लेंगे आपके बॉस

Updated on 27 January, 2014, 12:14
सपनों में देखी गई कई चीजों को लोग पूर्वाभास से जोड़ते हैं। कुछ मामलों में यह बाते सहीं भी होती हैं। पर हमेशा नहीं। अभी तक सपनों की व्याख्या करने के लिए अंतर्दृष्टि से काम लिया जाता था। इस मामले में कई अधकचरे महत्वाकांक्षी लोग भी अपनी तुकबंदी भिड़ाया करते थे।... आगे पढ़े

गणतंत्र दिवस: स्वयं का अनुशासन

Updated on 26 January, 2014, 15:12
गीता के छठे अध्याय में श्रीकृष्ण कहते हैं 'मनुष्य को अपना उद्धार खुद करना चाहिए, न कि पतन'। हम दंड के भय से सरकारी कानूनों का पालन तो करते हैं, पर खुद को अनुशासित नहीं रख पाते। अपने अधिकार को समझने के साथ-साथ हर किसी को सुखी देखना चाहते हैं,... आगे पढ़े

पोषण से भरपूर स्वीट कॉर्न

Updated on 26 January, 2014, 15:05
रोज-रोज पराठें और ब्रेड खाकर बोर हो जाते हैं। ऐसे में स्वाद और पोषण से भरपूर कॉर्न एक बेहतर विकल्प है। कई हैं फायदे स्वीट कॉर्न में कैलोरी कम होने की वजह से यह हल्का भोजन होता है। इसमें मिलने वाले प्रोटीन की मात्रा गेहूं और चावल में मिलने वाले प्रोटीन से... आगे पढ़े

आपको रखे स्वस्थ सलाद

Updated on 26 January, 2014, 15:04
सलाद का हमारे भोजन में खास महत्व है, लेकिन कई बार हम इससे ऊब भी जाते हैं। पारंपरिक सलाद खाते-खाते ऊब गए हैं तो क्यों न कुछ नए तरह के सलाद आजमाएं। तरह-तरह के सलाद के बारे में बता रहे हैं पंकज घिल्डियाल सलाद हमारे भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे... आगे पढ़े

निर्धारित नहीं है साधना-मार्ग

Updated on 26 January, 2014, 10:36
महावीर का बहुत व्यवस्थित उपक्रम था. साधना में कभी व्यवस्थित उपक्रम नहीं होता. महावीर के लिए साधना का एक अभिनय था, जिसको उन्होंने सुचारू रूप से पूरा किया. महावीर ने बिलकुल कलाकार की तरह व्यक्तित्व को खड़ा किया. सुनियोजित था मामला. क्या उन्हें करना है इस व्यक्तित्व से, उसकी पूरी तैयारी... आगे पढ़े

मानव कल्याण ही धर्म का उद्देश्य

Updated on 25 January, 2014, 20:31
इलाहाबाद। हिंदू समाज उत्सवधर्मी समाज है। हमारे पंचांग व्रत त्यौहारों से भरे हैं। यहां हर पर्व खुद को मानव कल्याण के निमित्त अर्पित करने को प्रेरित करता है। मानव का कल्याण ही धर्म का प्रमुख उद्देश्य है। त्यौहार मन के कलुषित विचारों के निकालने का उत्सव हैं। यह मानना है मानसरोवर... आगे पढ़े

विश्वनाथ दरबार में चढ़ावा घोटाला!

Updated on 25 January, 2014, 20:30
वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर में चढ़ावे से होने वाली आय पिछले वर्षो की अपेक्षा चालू वित्तीय वर्ष में घटने जा रही है। इसकी संभावना से प्रशासन सकते में है। मंडलायुक्त चंचल तिवारी ने गड़बड़ी की आशंका जताई और चढ़ावे से होने वाली आय पर नजर रखने का अधिकारियों को निर्देश... आगे पढ़े

तंबुओं की अस्थायी नगरी में रोजाना हजारों को भोजन

Updated on 25 January, 2014, 20:29
इलाहाबाद। महंगाई के इस दौर में जहां दो जून की रोटी का संघर्ष जीवन को दुरूह बना रहा है वहीं माघ मेले में चल रहे अन्न क्षेत्र हजारों के लिए वरदान बन गए हैं। यह दान-परंपरा निर्वहन का अद्भूत मिसाल है। यहां संतों की दानवीरता साधु महात्माओं के साथ ही... आगे पढ़े

आक्रोशित कल्पवासियों का पलायन

Updated on 25 January, 2014, 20:28
इलाहाबाद। माघ मेले में जहां एक तरफ सुविधाओं को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की मशक्कत जारी है। वहीं सुविधाओं का अभाव डोल रहे कल्पवासियों ने गुरुवार को मेला क्षेत्र से पलायन कर दिया। सेक्टर तीन के बगल में काली मार्ग के पास बृज अकादमी वृंदावन का शिविर लगा था। उसमें दस दिन... आगे पढ़े

पुरुष यूं ही नहीं पहनते जनेऊ, कारण जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे

Updated on 25 January, 2014, 13:53
आपने देखा होगा कि बहुत से लोग बाएं कांधे से दाएं बाजू की ओर एक कच्चा धागा लपेटे रहते हैं। इस धागे को जनेऊ कहते हैं। जनेऊ का धार्मिक दृष्टि से बड़ा महत्व है। जनेऊ का निर्माण दो तूड़ियों से किया जाता है जिसमें तीन -तीन लपेट होते हैं। तीनों लपेट... आगे पढ़े

तब आंख मिचौली खेलते-खेलते क्यों बेचैन हो उठी राधा?

Updated on 25 January, 2014, 13:52
राधा कृष्ण की प्रेम कहानी और उनकी लीला युगों युगों से भक्तों को आनंदित करती आ रही है। राधा कृष्ण की ऐसी ही एक लीला गोवर्धन पर्वत के पास चल रही थी। श्रीराधा रानी भगवान श्रीकृष्ण और सखियों के साथ आंख मिचौली खेल रही थी। अचानक उनकी नज़र अपने पैरों पर... आगे पढ़े

वंदे मातरम गीत को लिखने वाले से जब मिलने आया वह संन्यासी

Updated on 25 January, 2014, 13:51
वंदे मातरम और आनंदमठ के रचयिता बंकिमचंद्र चटर्जी की विद्वता से अंग्रेज भी प्रभावित थे। अंग्रेज सरकार ने उन्हें न्यायाधीश नियुक्त किया था। पद पर रहते हुए उन्होंने जनता पर किए गए अत्याचार के आरोप में अनेक गोरे अफसरों को दंडित कर अपनी निर्भीकता का परिचय दिया था। बंकिम बाबू के... आगे पढ़े

कान्हा को पंसद तुलसी

Updated on 24 January, 2014, 22:09
वृंदावन। दो दिन तक हुई लगातार वर्षा से पंचकोसीय परिक्रमा मार्ग में लगे पेड़-पौधों को संजीवनी मिल गई। वृंदावन के प्राचीन स्वरूप को लौटाने के लिए हरियालीयुक्त वातावरण की पहल सरकारी और गैर सरकारी स्तर पर की जा रही है। सुनरख वनीकरण योजना में हजारों पौधों का रोपण किया गया। वन... आगे पढ़े

मौनी अमावस्या की तैयारी में जुटा मेला प्रशासन

Updated on 24 January, 2014, 22:09
इलाहाबाद। माघ मेले के प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। मेला प्रशासन के लिए पिछले सप्ताह हुई बारिश के कारण हुई अव्यवस्था को ठीक करने की चुनौती है। व्यवस्था बनाने में जुटे अधिकारी इस चुनौती में ही मौनी अमावस्या की तैयारी को भी समाहित... आगे पढ़े

मौसम के हवाले मेले की रौनक

Updated on 24 January, 2014, 22:07
इलाहाबाद। बादलों की आगोश में माघ मेले की शाम। गुरुवार को सुबह से शुरू हुई बूंदा-बांदी देर शाम तक जारी रही, लेकिन मेले की रंगत में कमी नहीं आई। अभी पिछले सप्ताह बारिश से हुई अव्यवस्था ठीक भी नहीं हुई थी कि गुरुवार की बूंदाबांदी ने फिर कल्पवासियों को डरा... आगे पढ़े

धर्म की कार्यशाला है कल्पवास

Updated on 24 January, 2014, 22:07
इलाहाबाद। धर्म की कार्यशाला है कल्पवास। त्रिदेवों व शक्तिपीठों की भूमि प्रयाग प्राचीन काल से ही धर्म का क्षेत्र रही है। ऋषियों ने इस तपोभूमि पर यज्ञ करके संस्कृति को ऊर्जावान बनाया है। माघ मास में तीर्थराज का दर्शन, कीर्तन, दर्शन, मुक्ति दायक माना है। संत त्याग की प्रतिमूर्ति हैं। चाहकर... आगे पढ़े

Gyan Vani Bhopal